

मौदहा से ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल के निर्देशन में जनपद में बाल श्रम उन्मूलन के लिए विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। शुक्रवार को श्रम विभाग की टीम ने छानी बाजार, पैलानी बाजार और मुस्करा ब्लॉक क्षेत्र में सघन निरीक्षण कर चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। साथ ही बाल श्रम कराने के आरोप में तीन सेवायोजकों को नोटिस जारी किए गए।श्रम विभाग ने मुक्त कराए गए बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। यह विशेष अभियान शासन के निर्देशानुसार 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत बाल श्रमिकों की पहचान, बचाव और पुनर्वास की कार्रवाई की जा रही है।श्रम प्रवर्तन अधिकारी रामबीर प्रसाद अवस्थी ने बताया कि ढाबों, होटल-रेस्टोरेंट, कार्यशालाओं, शादी घरों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम कराना कानूनन दंडनीय अपराध है। इसके लिए ₹10 हजार से ₹70 हजार तक जुर्माना तथा एक माह से दो वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।उन्होंने प्रतिष्ठान संचालकों से किसी भी नाबालिग से काम न कराने की अपील की है। साथ ही आमजन से भी बाल श्रम की सूचना संबंधित विभाग को देने का आग्रह किया गया है, ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्हें सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।

